ऐशो आराम के लिए ठगी करने वाले कबूतरबाज गिरफ्तार

पोलखोल न्यूज़, ऋषिकेश| 8/8/2016 12:11:52 AM
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ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने अपने ऐशो-आराम के लिए बेरोजगारों से कबूतरबाजी करने वाले तीन शातीर ठगों को गिरफ्तार किया है| पहले भी धोखाघड़ी के आरोप में जेल जा चुके तीनों शातीर आरोपीयों की ओर से बेरोजगार युवकों को विदेशों में अच्छी नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपए ठगे जा रहे थे| साथ ही बेरोजगारों को फर्जी वीजा, कनाडा में नौकरी का जॉब कान्ट्रेक्ट और टिकट दे देते थे| बताया जा रहा है कि आरोपीयों की ओर से कई लोगों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक केवल पुलिस दो पीडितों को ही खोज पाई है| जिनके तरफ से आपरोपीयों पर धोखाघड़ी का मुकदमा दर्ज करवाया गया है| आरोपी पूरी वारदातों को केवल फजी फोन कॉल, ई-मेल आईडी और बैक एकाउन्ट के जरीए अंजाम देते थे और पीडितों से मिलते तक नहीं थे| आरोपी अपना पूरा नेटवर्क दिल्ली से चलाते थे| वहीं, पिछले 15 जून से आरोपीयों की खोजबीन कर मामले के खुलासे तक पहचाने वाली पुलिस टीम को एसएसपी देहरादून ने 2500 का ईनाम की भी घोषणा की है| दिनांक 15-07-16 को थाना ऋषिकेश पर सुबोध बहुगुणा पुत्र टीकाराम बहुगुणा निवासी 7 गुलाटी प्लाट ऋषिकेश ने सूचना अंकित कहायी कि मैं ऋषिकेश स्थित इंग्लिश कोचिंग सेन्टर में पढ़ाई कर रहा था कि इसी दौरान मेरी बात सूरज, संजय, महेश, शिव कुमार जो अपने को दिल्ली में रहना और कनाडा नौकरी लगाने के नाम पर कुल 2,30,000 रुपए अलग-अलग दो खातों में डलवाकर ले लिए| इन लोगों ने मुझे एक वीजा, कनाडा में नौकरी का जॉब कान्ट्रेक्ट लेकर और तीन बार टिकट भेजे जो कि सब फर्जी थे| इसी प्रकार दिनांक 08-08-16 को कमल सिंह नेगी निवासी शीशम झाड़ी मुनिकीरेती टिहरी गढवाल ने भी थाना ऋषिकेश पर रिपोर्ट अंकित करवाई कि सूरज नेगी और नितिन नाम के व्यक्तियों की ओर से कई लोंगों से विदेश में नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपए ठग लिए हैं| इस सम्बन्ध में थाना ऋषिकेश पर धोखाधडी के दो मुकदमे पंजीकृत किए गए| विगत 6 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि तीन लोग पुनः इन्ही पीडितों से और रुपए लेने के लिए ऋषिकेश आए हैं| सूचना पर गठित टीम की ओर से तीन व्यक्तियों को नटराज चौक के पास से पकड़ लिया| पकड़े गए व्यक्तियों ने बताया कि हम लोग आपस में मिलकर अपना नाम सूरज नेगी, संजय महेश, शिव कुमार और नितिन आदि बताकर गरीब व बैरोजगार लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए के हिसाब से फर्जीवाड़ा करते हैं. इसके लिए हम लोग फर्जी आईडी तैयार कर सिम लेते हैं और इन्हीं आई-डी पर बैंक एकाउन्ट खुलवाकर इनसे रुपए लेकर निकलवा लेते हैं. यह खाते और सिम बन्द कर देते हैं| ज्यादातर मामलों में हम लोग पीड़ितों से नहीं मिलते हैं. यह लोग अपने आपको थमम ब्ंदबमत बताते हैं, जिसका मतलब यह लोग पीड़ित को फेस टू फेस न मिलकर फोन और ई-मेल के माध्यम से ही काम कराने की बात करते है. यह लोग ठगी के पैसों का इस्तेमाल अपने मंहगे खर्चों, घूमने फिरने आदि में करते हैं|

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