पुलिस के भेष में कुख्यात गैंग लीडर

पंकज राणा, पोलखोल न्यूज़, देहरादून 8/9/2016 1:43:38 AM
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दून पुलिस को लम्बे समय से छका रहा यह बदमाश और कोई नहीं अलीगढ़ के कुख्यात गैंग का लीडर है। यह बदमाश पुलिस की वर्दी पहनकर दून में कई जगह वारदात को अंजाम दे चुका है। बीते रोज पुलिस ने इसे तब दबोचा जब यह बदमाश पुलिस इंस्पेक्टर के वेश में अपने बेटे से दून मिलने आया था। इसके अनोखे कारनामें जिनकी बदौलत ये करोड़ों की संपति का मालिक बन गया। बीती 28 जुलाई को शहर में डेढ़ घंटे के भीतर आधा दर्जन बुजुर्गों से ठगी का मामला सामने आया था। इन सभी को तीन लोगों ने सम्मोहित कर ठगा था। आरोपियों में विनोद, उसका बेटा विवेक व एक ज्वेलर शामिल थे। पुलिस ने विवेक और ज्वेलर को घटना के अगले दिन 29 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि विनोद भाग निकला था। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। अपने बेटे की गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने फोन पर पुलिस को खुद को गिरफ्तार करने की चुनौती तक दे डाली थी। उसे दबोचने के लिए कई दिनों से पुलिस की एक टीम अलीगढ़ में ही डेरा डाले हुई थी। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि अलीगढ़ गई पुलिस टीम को सूचना मिली कि विनोद निवासी रामघाट रोड राजनगर मोहल्ला देवसैनी थाना क्वारसी अलीगढ़ दून की सुद्धोवाला जेल में बंद बेटे विवेक से मिलने आ रहा है। चेकिंग के दौरान चंद्रबनी चौक पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। आरोपी की निशानदेही पर लोगों से ठगे गए सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए। एसएसपी ने बताया कि आरोपी के पास से उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी के अलावा नेम प्लेट और पुलिस उपनिरीक्षक का परिचय पत्र भी बरामद हुआ है। अलीगढ़ में जहां विनोद रहता हैए वहां के लोग उसे पुलिसवाला समझते हैं। विनोद इतना शातिर है कि उसके अगल-बगल रहने वाले पुलिस वाले भी उसकी हकीकत नहीं जान पाए। विनोद खुद को पुलिस मुख्यालय में तैनात बताता था। विनोद एक नजदीकी रिश्तेदार उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारी बताया जा रहा है। 35 वर्ष से ठगी कर रहे विनोद ने अकूत संपत्ति जोड़ रखी है। उसके पास अलीगढ़ में तीन आलीशान मकान के साथ पांच प्लाट भी हैं। 10वीं फेल विनोद वर्ष 2013 में मुरादाबाद में भी ठगी के आरोप में पकड़ा गया था। लेकिन, जेल से छूटने के बाद वह फिर ठगी करने लगा।

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