सरकारी धन का हुआ लाखों के बदले करोड़ों का भुगतान

पोलखोल न्यूज़ 8/13/2016 1:58:32 AM
img

हरिद्वार में सरकारी विभागों का ऐसा ही कारनामा सामने आ रहा है| प्रारंभिक तौर पर जो तथ्य उभरकर सामने आए हैं, उनसे पता चलता है कि पंचायत चुनाव में सरकारी धन की बरबादी की गई है| इस मामले की व्यापक जांच हो तो यह पूरा गड़बड़झाला सामने आ सकता है है| हरिद्वार जिले में 6 ब्लॉक हैं| प्रत्येक ब्लाक में चुनाव कराने के लिए एक लाख 50 हजार रुपये निर्धारित हैं| सूचना के अधिकार के तहत सामने आए तथ्यों से इस पूरे मामले का खुलासा हुआ है| 2015 में हुए पंचायत चुनाव में शामियाना, दरी, बिछाने का गद्दा, कारपेट, मेज, कुर्सी, तख्त, टैंट का पर्दा, लोहे की जाली, रूम हीटर, स्ट्रांग रूम की ईंटों से खिड़कियों की चिनाई, वाटर प्रूफ टैंट, मैटर हैड लाइट जनरेटर आदि सामान के किराए का रेट इतना अधिक स्वीकृत किया गया है कि उससे आधी कीमत पर सामान को खरीदा जा सकता था| विस्तार से बताते हैं कि आखिर किस सामान का क्या किराया दिया गया और बाजार में उसका किराया क्या है| बाजार में 15 गुना 15 के जिस शामियाने का रेट लेबर सहित प्रतिदिन का किराया 150 रुपये होता है| उसके लिए 3375 रुपये प्रतिदिन स्वीकृत किया गया है! हद तो यहां तक हो गई कि नीचे बिछाने की एक 8 गुना 10 साईज की दरी जिसका बाजार में प्रतिदिन का किराया 10 रुपये है| आप कहीं से भी इसे इस रेट पर ले सकते हैं, उसके लिए 1600 रुपये प्रतिदिन का किराया तय कर दिया गया| मेज को भी तीन गुणा से अधिक किराए पर लिया गया है| एक मेज जिसका प्रतिदिन का किराया 15 रुपये होता है| उसके लिए 50 रुपये प्रतिदिन का किराया पास कर दिया गया| लोहे की जाली जिसका बाजार भाव 10 रुपये प्रति वर्ग फीट है| उसका किराया 30 रुपये प्रतिदिन प्रति वर्ग फीट तय कर दिया| एक रूम हीटर जो बाजार में 250 से 300 रुपये में मिल जाता है, उसका प्रतिदिन का किराया ही 400 रुपये दिया जाना है| पंचायत चुनाव के बजट में इससे कहीं ज्यादा छेद हैं| शासन से स्वीकृत दरों के अनुसार मात्र 9 लाख रुपये का भुगतान होना चाहिए जबकि इन कामों के लिए एक करोड़ 20 लाख रुपये का भुगतान करने के लिए फाइल जिलाधिकारी को भेजी गई है हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी तक भुगतान नहीं किया गया है| भुगतान मानकों के अनुसार ही होगा.

Advertisement

img
img