रात में जूनियर डाक्टरों के भरोसे सबसे बड़ा अस्पताल

योगेश शर्मा, पोलखोल न्यूज़, हल्द्वानी 8/15/2016 12:26:23 AM
img

सुशीला तिवारी अस्पताल की व्यवस्थाएं भगवान भरोसे हैं। कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल में सबसे अधिक अराजकता है। दो विभागों के विभागाध्यक्षों की मनमानी के चलते कई विभागों के आपरेशन टल रहे हैं। सबसे बड़ा अस्पताल रात में जूनियर डाक्टरों के हवाले रहता है। जूनियर डाक्टर सीनियर को कॉल नहीं करते हैं और कई बार कॉल करने पर सीनियर डाक्टर नहीं आते हैं। डाक्टरों की लापरवाही से सुशीला तिवारी अस्पताल में कई मरीज असामयिक मौत के मुंह में जा चुके हैं। मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और जिलाधिकारी के छापे के बावजूद एसटीएच की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ है। प्राचार्य और एमएस भले ही हालत सुधारने को मेहनत कर रहे हों मगर कुछ डाक्टर अपनी कार्यप्रणाली बदलने को तैयार नहीं हैं। एसटीएच में अराजकता का आलम ये है कि रात में एक भी सीनियर डाक्टर अस्पताल में नहीं होता है। पीजी जेआर के हवाले पूरा अस्पताल चलता है। रात में आने वाले मरीजों को अक्सर बिना इलाज के चलता कर दिया जाता है। सवाल ये उठता है कि क्या सरकार गरीब लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने को लेकर संजीदा नहीं है। इतने मामले होने के बाद भी हर बार जांच होती है पर कार्रवाई किसी पर नहीं हुई। कहीं शासन में बैठे लोगों ही दोहरा मापदंड तो नहीं अपना रहे हैं।

Advertisement

img
img