दिव्यांग से रेप के 3 दिन बाद बड़ा खुलासा, थानेदार सस्पेंड

पोलखोल न्यूज़ 8/17/2016 12:52:47 AM
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राजस्थान में एक 25 वर्षीय दिव्यांग युवती से रेप करने के आरोप में ग्रामीणों ने जिस शख्स को धर दबोचा था वह रेप के जुर्म की सजा पाने से पहले ही बड़ी आसानी से बच निकला| हम बात कर रहे हैं श्रीगंगानगर के सादुलशहर इलाके की| यहां घर में अकेली दिव्यांग युवती से लालगढ़ पुलिस थाना में चक बादल निवासी बलदेव सिंह पर रेप करने के आरोप लगे थे| ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने खुद उसे शर्मनाक हरकत करते हुए पकड़ा और पुलिस के हवाले किया था| पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया और थाने भी ले गई लेकिन तीन दिन बाद जब कोर्ट में उसे पेश किया गया तो वह इस मामले से साफ-साफ बच निकला| दरअसल, उसे एक झूठ ने रेप के जुर्म की सजा से बचा लिया| किसने बोला ये झूठ? पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि पीड़िता के साथ इंसाफ होगा| लेकिन ऐसा नहीं हुआ. लेकिन वारदात के तीन दिन तक पीड़िता का मेडिकल तक नहीं कराया गया| पीड़िता के पिता की माने तो यही नहीं जब आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया तो पुलिस ने उसके बचाव में कोर्ट तक में झूठ बोला और बचा लिया| कोर्ट में पुलिस क्या झूठ बोला? हेतराम बेनीवाल के नेतृत्व में थाने का घेराव किया गया, गांव में भी विरोध प्रदर्शन हुआ)पीड़िता के साथ ज्यादती करने वाले को कोर्ट में आर्म्स एक्ट के आरोप में पेश किया गया. दरअसल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया था| लालगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची तो जरूर लेकिन एसएचओ मलकीयत सिंह ने आरोपी को लालगढ़ पुलिस थाना में ले जाकर उसके कब्जे से जिंदा कारतूस बरामद कर उसे आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया| कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया. यहां तक कि पुलिस ने आरोपी को गश्त के दौरान पकड़े जाना दिखाया गया| लालगढ़ थाना पुलिस ने इस दिव्यांग युवती से दुष्कर्म के मामले को दबाने का प्रयास किया लेकिन, पुलिस ने जब आरोपी को कोर्ट में पेश किया तो मामले का खुलासा हो गया. इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल के नेतृत्व में थाने का घेराव किया. फिर एसपी और सीओ ग्रामीण बच्चन सिंह को मामले से अवगत कराया. इसके बाद पुलिस ने पीड़िता के पिता की ओर से लालगढ़ पुलिस थाना में चक बादल निवासी बलदेव सिंह पुत्र बिशन सिंह के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज किया. इस घटना की खबर ईटीवी में चलने के बाद लालगढ़ एसएचओ मलकीयत सिंह को निलबिंत भी कर दिया गया हैं| दिव्यांग पहले हवस के अंधे अधैड़ की दरिंदगी का शिकार हुई और फिर पुलिस की नाइंसाफी दुखी इस युवती का पूरा जीवन दुखों से अटा पड़ा है. रेप का शिकार यह युवती बचपन से चारपाई पर लेटी है जो ना तो सुन सकती है ना बोल सकती है| और ना ही चल फिर सकती है| यह बेटी मंदबुद्धि भी है और अब यह परिवार न्याय के लिए भटक रहा है| और शायद इस युवती को पता भी नहीं की उसे साथ क्या हो गया है. दूसरी ओर इस अपराध के आरोपी को बचाने की कोशिश करने में लालगढ़ पुलिस पूरी जी जान से जुटी हुई नजर आई| जानकारी के अनुसार सादुलशहर क्षेत्र के गांव बादल चक में दस अगस्त को दोपहर एक दिव्यांग 25 वर्षीय युवती घर में अकेली थी. इस युवती के पिता खेत में मजदूरी करने और मां नरेगा में मजदूरी के लिए गई थी. इसी बात का मौका पाकर गांव के ही एक अधेड़ व्यक्ति ने इस युवती के साथ दुष्कर्म किया. इस अधेड़ व्यक्ति ने युवती को उठाकर घर के पीछे बने छप्पर में ले गया और दुष्कर्म करने लगा. बात की भनक श्री गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी को लगी तो उन्होंने एक दो लोगों को फोन किया और सभी लोगों ने मौके पर पहुंच कर आरोपी के चंगुल से युवती को छुड़ाया और आरोपी को मौके से पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया|

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