समाज कल्याण विभाग का गजब कारनामा, जिंदा को बना दिया मुर्दा

पोलखोल न्यूज़ 8/20/2016 2:16:10 AM
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समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाओं का हाल भी अजब-गजब हाल है। वृद्धावस्था पेंशन पा रहे जिस बुजुर्ग को विभाग ने मृतक बना दिया, वह तहसील के सत्यापन प्रपत्र में जिंदा निकला। फजीहत के बाद निदेशालय ने इस प्रकरण में संबंधित समाज कल्याण अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा एक अन्य मामले में अप्रैल 2015 से महिला की पेंशन बगैर किसी वजह से रोकने पर भी जवाब तलब किया गया है। पेंशन योजनाओं में आए दिन गड़बड़ी उजागर हो रही हैं। इस बार मामला देहरादून की चंद्रलोक बस्ती के अंतर्गत पुराना राजपुर से जुड़ा है। मान सिंह पुत्र स्व. नैन सिंह को वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। विभाग के सोशल आडिट में क्षेत्रीय पार्षद की रिपोर्ट के आधार पर मान सिंह को मृतक दिखाकर उनकी पेंशन बंद कर दी गई। अब 16 अगस्त को तहसील स्तर पर हुए सत्यापन के बाद प्रपत्र मान सिंह के जीवित होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया है। जिंदा को मुर्दा दिखाकर पेंशन बंद करने का यह मामला सामने आया तो आनन-फानन में लाभार्थी की पेंशन दोबारा शुरू कर दी गई। इतना ही नहीं, इस लापरवाही पर निदेशालय ने पार्षद की उस रिपोर्ट को भी मांगा है, जिसके आधार पर मान सिंह को मृतक दर्शाया गया है। साथ ही समाज कल्याण अधिकारी देहरादून से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इधरए दूसरा मामला भी देहरादून से ही जुड़ा है। खुडबुडा मोहल्ला निवासी पुष्पा भट्ट पत्नी स्व. मोहन की पेंशन अप्रैल 2015 से रोकी गई है। पेंशन रोकने के पीछे विभाग ने तर्क दिया कि पुष्पा का बैंक खाता ही नहीं मिला था। इस मामले के उजागर होने के बाद समाज कल्याण विभाग ने पिछले साल अप्रैल से जून 2016 तक पेंशन न देने के लिए पटल सहायक से स्पष्टीकरण मांगा है। निदेशक वीएस धानिक का कहना है कि पेंशन देने में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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