तो पेपरलैस होगी उत्तराखंड विधानसभा

पंकज राणा, पोलखोल न्यूज़, देहरादून 8/23/2016 2:26:54 AM
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उत्तराखंड विधानसभा जल्द देश की उन चुनिंदा विधानसभाओं में शुमार होने जा रही है, जहां पूरी कार्यप्रणाली ऑनलाइन संचालित की जाती है। यानी, विधायक रोजाना कागजों पर सवाल लिख विधानसभा सचिवालय में देने की बजाए अपने लैपटॉप के जरिये भेज सकेंगे और उन्हें सचिवालय से जवाब भी लिखित (मुद्रित) की बजाए कंप्यूटर पर ही ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएंगे। यही नहीं, विधानसभा में विधेयक और अन्य प्रस्ताव भी ऑनलाइन ही पेश किए जाएंगे। एक पंक्ति में कहें तो बहुत जल्द उत्तराखंड विधानसभा की कार्यप्रणाली पेपरलैस होने जा रही है। महत्वपूर्ण बात यह कि यह व्यवस्था देहरादून के साथ ही गैरसैंण में बनने जा रही विधानसभा में भी की जाएगी। हिमाचल, गोवा समेत कुछ अन्य राज्यों के बाद अब उत्तराखंड में भी विधानसभा के संपूर्ण क्रियाकलाप ऑनलाइन किए जा रहे हैं। इस व्यवस्था के अमल में आने पर उत्तराखंड विधानसभा पेपरलैस कार्य करेगी। प्रश्नकाल के दौरान विधायकों द्वारा पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब ही नहीं, बल्कि शून्यकाल में उठाए जाने वाले मामले, विभिन्न प्रकार के नोटिस आदि भी कागजों पर नहीं, बल्कि कंप्यूटर के जरिये विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराए जाएंगे। इस व्यवस्था के तहत विधानसभा मंडप में सभी सदस्यों व अधिकारी.कर्मचारियों के बैठने के लिए निर्धारित स्थानों के सम्मुख कंप्यूटर मॉनीटर और कीबोर्ड लगाए जाएंगे तथा इनके माध्यम से ही लिखित कार्यवाही संचालित की जाएगी। दिलचस्प बात यह कि पहले उत्तराखंड विधानसभा सचिवालय सदन की कार्यवाही के केवल प्रश्नकाल के हिस्से को ही ऑनलाइन करने जा रहा थाए लेकिन हाल ही में यह जानकारी सामने आई कि केंद्र सरकार एनआइसी के सहयोग से सभी राज्यों में विधानसभाओं को ऑनलाइन करने की योजना बना रही है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उत्तराखंड में इसके लिए प्रमुख सचिव विधायी एवं संसदीय कार्य रमेश चंद्र खुलबे को नोडल अधिकारी बनाया गया है। गत शुक्रवार को उत्तराखंड विधानसभा में इस सिलसिले में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख सचिव विधायी एवं संसदीय कार्य रमेश चंद्र खुलबे, सचिव विधानसभा जगदीश चंद्र, अपर सचिव भारत भूषण पांडेय, संयुक्त सचिव डॉ. एनके पंत के अलावा सचिव आइटी व एनआइसी के प्रतिनिधि शामिल हुए। सचिव विधानसभा जगदीश चंद्र ने बताया कि बैठक में तय किया गया कि केंद्र सरकार की योजना के बाद राज्य सरकार की केवल प्रश्नकाल को ऑनलाइन करने की योजना को रोक दिया जाए। उन्होंने कहा कि योजना के अमलीजामा पहनने पर विधानसभा का कार्य पूरी तरह पेपरलैस हो जाएगा। यह व्यवस्था देहरादून विधानसभा के साथ ही गैरसैंण में भी की जाएगी।

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