मसूरी में खुलने जा रहा हाईटेक ईको पार्क, क्या-क्या मिलेगा; पूरी डिटेल

Eco Park in Mussoorie: पहाड़ों की रानी मसूरी में जल्द ही पर्यटकों को एक नया आकर्षण मिलने जा रहा है। हुसैनगंज क्षेत्र में लगभग 15.5 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित हाईटेक ईको पार्क का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने वाला है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा इस परियोजना के टेंडर शीघ्र जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस महत्वाकांक्षी योजना को जल्द धरातल पर उतारने के निर्देश दिए हैं।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि यह ईको पार्क केवल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। मसूरी लंबे समय से देश-विदेश के पर्यटकों की पसंदीदा जगह रही है, जहां हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। बढ़ते पर्यटन दबाव के कारण प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में यह परियोजना एक संतुलित और इको-फ्रेंडली टूरिज्म मॉडल के रूप में विकसित की जाएगी।

क्या-क्या होंगी सुविधाएं?

प्रस्तावित हाईटेक ईको पार्क में प्रकृति के बीच आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा। इसकी रूपरेखा इस तरह तैयार की जा रही है कि पहाड़ों की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता को कोई नुकसान न पहुंचे। पार्क में कई आकर्षक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जैसे:

कृत्रिम पहाड़ी जलाशय

घने पेड़ों के बीच से गुजरने वाले नेचर ट्रेल/वन पथ

पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को दर्शाने वाला छोटा संग्रहालय

बैठने और विश्राम के लिए इको-फ्रेंडली ज़ोन

प्राकृतिक सौंदर्य के बीच फोटो पॉइंट्स और व्यूइंग एरिया

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि यह पार्क पर्यटकों को एक शांत, प्राकृतिक और आधुनिक अनुभव देने के उद्देश्य से विकसित किया जाएगा।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

इस परियोजना से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। होटल, गाइड, ट्रांसपोर्ट और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। साथ ही, मसूरी को एक सस्टेनेबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान मिलने में भी मदद मिलेगी।

जल्द शुरू होगा निर्माण

सरकार की प्राथमिकता में शामिल इस परियोजना के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तय समय सीमा के भीतर काम पूरा हो और गुणवत्ता के साथ किसी तरह का समझौता न किया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *